बहुत कठिन है डगर पनघट की।कैसे मैं भर लाऊं मधवा से मटकीमेरे अच्छे निजाम पिया।पनिया भरन को मैं जो गई थीछीन-झपट मोरी मटकी पटकी
बहुत कठिन है डगर पनघट की।
खुसरो निजाम के बल-बल जाइए
लाज राखी मेरे घूंघट पट की
कैसे मैं भर लाऊं मधवा से मटकी
बहुत कठिन है डगर पनघट की।
-अमीर खुसरो
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